समुद्री शिखर पुष्पन
मूंगे की चट्टान

समुद्री शिखर पुष्पन

उष्णकटिबंधीय महासागर की सतह से मात्र दस से बीस मीटर नीचे, जहाँ सूर्य का प्रकाश लहरों की परतों को भेदकर सुनहरी-नीली किरणों में बदल जाता है, एक समुद्री पर्वत की चोटी अपने संपूर्ण जैविक वैभव में जीवित है। चूना पत्थर की यह उभरी हुई संरचना करोड़ों वर्षों की प्रवाल-निर्मित कार्बोनेट वास्तुकला से ढकी है — गुलाबी क्रस्टोज़ शैवाल, गुम्बदाकार प्रवाल उपनिवेश, और धारा की दिशा में झुकी हुई गोर्गोनियन पंखाकार प्रजातियाँ जिनके असंख्य पॉलिप्स जल-प्रवाह से प्लवक छान रहे हैं। जलस्तंभ में व्याप्त महीन प्लवक-धुंध के बीच एन्थियास और क्रोमिस मछलियों के झुंड सूर्य-किरणों में चमकते हुए तैरते हैं, जबकि नीचे एक तोते मछली — पैरटफिश — अपने कठोर दाँतों से प्रवाल की सतह को रगड़कर महीन कार्बोनेट धूल उड़ाती है, जो धीरे-धीरे पानी में घुलती जाती है। दो वायुमंडल के दबाव में, जहाँ प्रकाश का वर्णक्रम लाल और नारंगी रंगों को छानकर केवल नीले-हरे स्वर छोड़ देता है, यह पारितंत्र बिना किसी साक्षी के, बिना किसी उपस्थिति के, अपनी शाश्वत लय में स्पंदित होता रहता है — जैसे यह सदा से था और सदा रहेगा।

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