जैतून मुहाना प्रवाह
समुद्री घास के मैदान

जैतून मुहाना प्रवाह

यह एक उथला, ज्वारीय मुहाना है जहाँ नमकीन और मीठे जल का सम्मिलन होता है — एक ऐसा संधि-स्थल जो अपनी अस्थिर लवणता, निलंबित गाद और जैव-कणों के कारण प्रकाश को छानकर जैतून-हरे और चाय-भूरे रंगों में रूपांतरित कर देता है। *Zostera marina* की रिबन-सी पत्तियाँ कीचड़युक्त बालू में अपनी जड़ें गाड़े, ज्वार की लय में एक साथ झुकती और उठती हैं — यह लहर नहीं, बल्कि समुद्र की साँस है। पत्तियों की सतह पर एपिफ़ाइटिक जीवाणुओं की महीन परत चढ़ी है, और कुछ सूर्य-प्रकाशित फलकों से सूक्ष्म ऑक्सीजन के बुलबुले चिपके हैं — प्रकाश-संश्लेषण का मूक प्रमाण। जलस्तंभ में तैरती गाद और जैव-कण दृश्यता को कोमलता से धुंधला करते हैं, फिर भी मध्य-जल में चाँदी-धूसर मुलेट की आकृतियाँ छायाचित्र की भाँति उभरती हैं, और घास के बीच एक पाइपफ़िश इतनी सिद्धहस्त रूप से छिपी है कि उसे पहचानना लगभग असंभव है। यह शाँत, उथला, और जीवंत संसार अपने आप में पूर्ण है — बिना किसी साक्षी के, बिना किसी मानवीय उपस्थिति के, केवल जल, प्रकाश और जीवन के बीच एक अनंत संवाद।

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