रेतीली सीमा रेखा
केल्प वन

रेतीली सीमा रेखा

कैलिफोर्निया के तट पर, जहाँ चट्टानी भित्ति अचानक पीली लहरदार रेत में विलीन हो जाती है, विशालकाय केल्प *Macrocystis pyrifera* के कांस्य-सुनहरे स्टाइप्स एक जलीय गिरजाघर की भाँति ऊपर उठते हैं — उनके वायुकोश मोती की तरह चमकते हैं और उनके ओलिव-हरे ब्लेड सतह के प्रकाश में झिलमिलाते हैं। ऊपर से उतरती शुद्ध धूप की किरणें केल्प की छतरी के रिक्त स्थानों से होल्डफास्ट और पहले रेत के टीलों पर जीवंत कॉस्टिक प्रतिबिम्ब बिखेरती हैं, जबकि वन का भीतरी भाग ठंडी हरी छाया में डूबा रहता है। एक गोल बैट रे — *Myliobatis californica* — इस उजले रेतीले किनारे के ऊपर सरकती है और अपने पीछे तलछट में एक धीरे-धीरे मिटता हुआ निशान छोड़ जाती है, जबकि नारंगी गैरीबाल्डी मछलियाँ केल्प के स्तंभों के बीच मँडराती हैं और एक समुद्री ऊदबिलाव तैरती छतरी में शाँत विश्राम करता है। यहाँ दस से पचीस मीटर की गहराई पर दाब मामूली है, परंतु समुद्री लहरों की उथल-पुथल और ठंडे उभरते हुए जल की नाइट्रेट-समृद्ध धाराएँ इस पारिस्थितिकी तंत्र को जीवन से परिपूर्ण रखती हैं — एक ऐसा संसार जो बिना किसी साक्षी के, अपनी ही लय में, सदा से धड़कता आया है।

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