लहरों के नीचे जेलीफ़िश
तूफानी सतह

लहरों के नीचे जेलीफ़िश

समुद्र की सतह पर तूफ़ान का राज है — हवा की गति चालीस गाँठ से ऊपर है, और विशाल लहरें एक-दूसरे को काटती हुई इस्पाती-नीले जल को चीर रही हैं। टूटती हुई चोटियों से झाग की लंबी धारियाँ बिछती हैं, और वर्षा की बूँदें सतह को झंझावात की तरह छेद रही हैं, जिससे ऊपरी कुछ मीटर में लाखों सूक्ष्म बुलबुलों के बादल बन जाते हैं — यह प्रक्रिया वायु-सागर गैस विनिमय को तीव्र करती है और वायुमंडल में एरोसॉल कण छोड़ती है। इसी अशांत जल में, झाग के परदों के ठीक नीचे, चंद्रमा जेलीफ़िश — *Aurelia aurita* — अपने दूधिया, पारदर्शी घंटियों के साथ धीरे-धीरे तैर रहे हैं, उनकी चार गोलाकार प्रजनन ग्रंथियाँ मंद प्राकृतिक प्रकाश में हल्की-सी झलकती हैं। बादलों से छनकर आती ठंडी रुपहली रोशनी लहरों के भीतर से गुज़रते हुए हरे-फ़िरोज़ी रंग में बदल जाती है, और बुलबुलों के इर्द-गिर्द क्षणभंगुर काउस्टिक छायाएँ नृत्य करती हैं — यह जगत मनुष्य की उपस्थिति से सर्वथा अनजान, अपनी लय में, अपने एकांत में जीवित है।

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