टूटती पन्ना लहर
तूफानी सतह

टूटती पन्ना लहर

समुद्र की सतह पर, जहाँ वायुमंडल और जलमंडल का भीषण संगम होता है, तूफ़ानी हवाएँ जल की विशाल दीवारें खड़ी करती हैं — पन्ने की तरह पारदर्शी, भीतर से प्रकाश से दमकती हुई, जेड और बोतल-हरे रंग में रंगी हुई, जब बादलों से छनकर आई शीतल चाँदी-सी रोशनी उनकी मोटी काया के आर-पार उतरती है। बीस मीटर प्रति सेकंड से अधिक गति की हवाएँ — ब्यूफ़ोर्ट पैमाने पर आठ या नौ — लहर की ऊपरी कगार को क्षैतिज धज्जियों में तोड़ देती हैं, और उड़ता हुआ झाग एवं नमक-धुंध वातावरण में बिखर जाते हैं, जबकि लहर का आधार फटकर वायु से भरे बुलबुलों का उबलता मैदान बना देता है। यह परत — समुद्री-सतह की सूक्ष्म झिल्ली से लेकर गहरे हिलते-डुलते कुछ मीटरों तक — वायुमंडल और महासागर के बीच गर्मी, गैस और संवेग के विनिमय की सबसे सक्रिय प्रयोगशाला है, जहाँ टूटती लहरें कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन का अभूतपूर्व आदान-प्रदान कराती हैं। यहाँ कोई साक्षी नहीं, कोई किनारा नहीं, केवल इस्पाती-धूसर गर्त, बिखरी सफ़ेद धारियाँ, और क्षितिज पर नमक की धुंध में विलीन होता वह अनंत जल-संसार, जो मनुष्य के अस्तित्व से पहले भी था और उसकी अनुपस्थिति में भी अपनी उसी निर्मम लय में धड़कता रहता है।

Other languages