चंद्र रिबन शांति
शांत सतह

चंद्र रिबन शांति

पूर्णिमा की रात, खुले सागर में हवा लगभग थम-सी गई है — ब्यूफोर्ट शून्य से एक के बीच की वह दुर्लभ शांति जब जल की सतह एक विशाल दर्पण बन जाती है, जिसे समुद्रविज्ञानी *mer d'huile* कहते हैं, तेल-सा चिकना समुद्र। चाँद की चाँदी एक पतली, काँपती लकीर बनकर नीले-काले जल पर फैल जाती है, और उस रोशनी में, सतह के ठीक नीचे कुछ सेंटीमीटर की गहराई में, *Aurelia aurita* — चंद्र-जेली — अपने पारदर्शी थालों के साथ अदृश्य धाराओं में बह रहे हैं; उनकी चार-पालीय गोनाड और महीन रेडियल नलिकाएँ चाँदनी में बमुश्किल पढ़ी जा सकती हैं। समुद्र-सतह की सूक्ष्म परत — *sea-surface microlayer* — केवल कुछ माइक्रोमीटर मोटी होती है, फिर भी वह जैव-रासायनिक दृष्टि से असाधारण रूप से सक्रिय है, जहाँ लिपिड, प्रोटीन और सूक्ष्मजीव घनत्व की एक अदृश्य सीमा खींचते हैं। यह सब किसी साक्षी के बिना घटता है — न कोई देख रहा है, न कोई सुन रहा है — केवल वह संसार है जो अपनी लय में, अपनी चुप्पी में, हमेशा से विद्यमान रहा है।

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